शुक्रवार, 19 नवंबर 2010

पैरोडी गीत (दिल्ली की बहार का)


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2 टिप्‍पणियां:

  1. सीधे सीधे कहिये न....
    दिल्ली के जाम जा मज़ा लीजिए.....
    दिल्ली के बददिमाग नागरिको का गुनाह भुक्तिये...
    दिल्ली के इर्ष्य जनित रोगों से मुक्ति के उपाय दुन्दिये..

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  2. हा..हा..हा.... बिल्कुल सही कहा दीपक जी..... धन्यवाद

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