बुधवार, 3 नवंबर 2010

मेरा खाना

4 टिप्‍पणियां:

  1. ek yatharth ko sabke samne prastut karne ka andaanj bahut achha laga.
    Deepawali kee subhkamnayne....
    ...

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  2. हार्दिक धन्यवाद कविता जी, आपको भी इस पावन पर्व की ढेरों शुभकामनाएँ

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  3. hahahahahha
    bahut khoob sir maja aagya such me
    waise aapka mere ghar khane par su-swagat hai bas aap ajaiye samay bhi diwali ka hai.

    Ravi Rajbhar

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  4. सुशील भाई,
    बहुत अच्छा हास्य क्रिएट किया है आपने, इस कविता में! पता नहीं आप मंचों पर काव्य-पाठ करते हैं या नहीं...? बहरहाल मंच पर यह कविता सफल रहेगी...यदि सस्वर-पाठ किया जाए।

    आपको बधाई!

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