रविवार, 15 मई 2011

घृणा


कृपया पढ़ने के लिए चित्र पर क्लिक करें। चित्र के पूरा आने पर उसे ज़ूम करने के लिए एक बार और क्लिक करें।

8 टिप्‍पणियां:

  1. भाई सुशील जी मैंने आपका ब्लाग पहली बार देखा और देखता राह गया आप तो सृजन में हमारी बिरादरी के दीखते है और रही रचना की बात यही है हमारे सभ्य समाज की तश्वीर अच्छे लेखन की बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  2. चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर आपकी प्रस्तुति मंगलवार 17 - 05 - 2011
    को ली गयी है ..नीचे दिए लिंक पर कृपया अपनी प्रतिक्रिया दे कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ...शुक्रिया ..

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  3. आप सभी मित्रों का मुझे अपना आशीर्वाद एवं स्नेह देने के लिए हार्दिक धन्यवाद....

    उत्तर देंहटाएं