शनिवार, 1 अक्तूबर 2011

गीत (आज़माना छोड़िए)


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4 टिप्‍पणियां:

  1. वाह ... बढ़िया गीत ... उम्र बीत गयी अब क्या आजमाना ...

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  3. बहुत बढ़िया रचना श्रीमान जी
    आपमेरे ब्लॉग पर एक वरिस्थ सहयोगी के रूप में भी आमंत्रित है कृपया प्रतिक्रिया छोड़े तो अपना emil id भी लिखे तांकि सहयोगी के रूप में आपको जोड़ सकूँ
    यहाँ देखे
    http://jeetrohann1.blogspot.com/2011/10/blog-post_1666.html

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  4. दिगम्बर जी एवं मलकीत जी.... आप दोनों का हार्दिक धन्यवाद.... माफी चाहता हूँ... कुछ पारिवारिक कार्य के चलते प्रत्युत्तर में देरी हो गई.... मलकीत जी... मेरा ई-मेल पता है sushil.joshi6k@gmail.com आपको अपनी सूची में जोड़कर मुझे बेहद खुशी होगी एवं आपके सानिध्य में अपने लेखन को सुधारने का अवसर मिलेगा.... धन्यवाद.

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