रविवार, 30 जनवरी 2011

तुम हमारे न होते


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1 टिप्पणी:

  1. बोहत अच्छी कविता है
    आप मेरे ब्लोग्स भी देख सकते है
    just log on
    http://vedmatram.blogspot.com/

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